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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2843

नंबर 2843किताब 16, नंबर 56
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ ثَابِتٍ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْحُسَيْنِ، حَدَّثَنِي أَبِي، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بُرَيْدَةَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبِي بُرَيْدَةَ، يَقُولُ كُنَّا فِي الْجَاهِلِيَّةِ إِذَا وُلِدَ لأَحَدِنَا غُلاَمٌ ذَبَحَ شَاةً وَلَطَخَ رَأْسَهُ بِدَمِهَا فَلَمَّا جَاءَ اللَّهُ بِالإِسْلاَمِ كُنَّا نَذْبَحُ شَاةً وَنَحْلِقُ رَأْسَهُ وَنَلْطَخُهُ بِزَعْفَرَانٍ ‏.‏
Narrated Buraydah ibn al-Hasib: When a boy was born to one of us in the pre-Islamic period, we sacrificed a sheep and smeared his head with its blood; but when Allah brought Islam, we sacrificed a sheep, shaved his head and smeared his head with saffron
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · Sacrifice (Kitab Al-Dahaya)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।