सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 2839

नंबर 2839किताब 16, नंबर 52
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ حَسَّانَ، عَنْ حَفْصَةَ بِنْتِ سِيرِينَ، عَنِ الرَّبَابِ، عَنْ سَلْمَانَ بْنِ عَامِرٍ الضَّبِّيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَعَ الْغُلاَمِ عَقِيقَتُهُ فَأَهْرِيقُوا عَنْهُ دَمًا وَأَمِيطُوا عَنْهُ الأَذَى ‏"‏ ‏.‏
Narrated Salman b. 'Amir al-Dabbi:The Messenger of Allah (ﷺ) as saying: Along with a boy there is an 'Aqiqah, so shed blood on his behalf, and remove injury from him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (5471، 5472)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · Sacrifice (Kitab Al-Dahaya)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।