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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2828

नंबर 2828किताब 16, नंबर 41
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ فَارِسٍ، حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ رَاهَوَيْهِ، حَدَّثَنَا عَتَّابُ بْنُ بَشِيرٍ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي زِيَادٍ الْقَدَّاحُ الْمَكِّيُّ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ ذَكَاةُ الْجَنِينِ ذَكَاةُ أُمِّهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: The Prophet (ﷺ) said: The slaughter of embryo is included when its mother is slaughtered
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · Sacrifice (Kitab Al-Dahaya)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।