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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2822

नंबर 2822किताब 16, नंबर 35
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، أَنَّ عَبْدَ الْوَاحِدِ بْنَ زِيَادٍ، وَحَمَّادًا، حَدَّثَاهُمْ - الْمَعْنَى، وَاحِدٌ، - عَنْ عَاصِمٍ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ صَفْوَانَ، أَوْ صَفْوَانَ بْنِ مُحَمَّدٍ قَالَ اصَّدْتُ أَرْنَبَيْنِ فَذَبَحْتُهُمَا بِمَرْوَةٍ فَسَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْهُمَا فَأَمَرَنِي بِأَكْلِهِمَا ‏.‏
Narrated Muhammad ibn Safwan or Safwan ibn Muhammad: I hunted two hares and slaughtered them with a flint. I asked the Messenger of Allah (ﷺ) about them. He permitted me to eat them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · Sacrifice (Kitab Al-Dahaya)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।