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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2818

नंबर 2818किताब 16, नंबर 31
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا إِسْرَائِيلُ، حَدَّثَنَا سِمَاكٌ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، فِي قَوْلِهِ ‏{‏ وَإِنَّ الشَّيَاطِينَ لَيُوحُونَ إِلَى أَوْلِيَائِهِمْ ‏}‏ يَقُولُونَ مَا ذَبَحَ اللَّهُ فَلاَ تَأْكُلُوا وَمَا ذَبَحْتُمْ أَنْتُمْ فَكُلُوا فَأَنْزَلَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ ‏{‏ وَلاَ تَأْكُلُوا مِمَّا لَمْ يُذْكَرِ اسْمُ اللَّهِ عَلَيْهِ ‏}‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: explaining the verse "But the evil ones ever inspire their friend to contend with you" They used to say: Do not eat which Allah killed, but eat which you slaughtered. So Allah revealed the verse: "Eat not of (meats) on which Allah's name hath not been pronounced"...to the end of the verse
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · Sacrifice (Kitab Al-Dahaya)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।