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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2814

नंबर 2814किताब 16, नंबर 27
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ خَالِدٍ الْخَيَّاطُ، قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ، عَنْ أَبِي الزَّاهِرِيَّةِ، عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ، عَنْ ثَوْبَانَ، قَالَ ضَحَّى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ثُمَّ قَالَ ‏ "‏ يَا ثَوْبَانُ أَصْلِحْ لَنَا لَحْمَ هَذِهِ الشَّاةِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ فَمَا زِلْتُ أُطْعِمُهُ مِنْهَا حَتَّى قَدِمْنَا الْمَدِينَةَ ‏.‏
Narrated Thawban:The Messenger of Allah (ﷺ) sacrificed during a journey and then said: Thawban, mend the meat of this goat. I then kept on supplying its meat until we reached Medina
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (1975)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · Sacrifice (Kitab Al-Dahaya)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।