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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2787

नंबर 2787किताब 15, नंबर 311
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ دَاوُدَ بْنِ سُفْيَانَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَسَّانَ، أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ مُوسَى أَبُو دَاوُدَ، حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ سَعْدِ بْنِ سَمُرَةَ بْنِ جُنْدُبٍ، حَدَّثَنِي خُبَيْبُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ أَبِيهِ، سُلَيْمَانَ بْنِ سَمُرَةَ عَنْ سَمُرَةَ بْنِ جُنْدُبٍ، أَمَّا بَعْدُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ جَامَعَ الْمُشْرِكَ وَسَكَنَ مَعَهُ فَإِنَّهُ مِثْلُهُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Samurah ibn Jundub: To proceed, the Messenger of Allah (ﷺ) said: Anyone who associates with a polytheist and lives with him is like him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।