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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2776

नंबर 2776किताब 15, नंबर 300
حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، وَمُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مُحَارِبِ بْنِ دِثَارٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَكْرَهُ أَنْ يَأْتِيَ الرَّجُلُ أَهْلَهُ طُرُوقًا ‏.‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: The Messenger of Allah (ﷺ) disapproved that a man should come to his family during the night (after returning from a journey)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (5243) Sahih Muslim (715 After 1928)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।