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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2691

नंबर 2691किताब 15, नंबर 215
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْمُبَارَكِ الْعَيْشِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ حَبِيبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي الْعَنْبَسِ، عَنْ أَبِي الشَّعْثَاءِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم جَعَلَ فِدَاءَ أَهْلِ الْجَاهِلِيَّةِ يَوْمَ بَدْرٍ أَرْبَعَمِائَةٍ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: The Prophet (ﷺ) fixed the ransom of the people of pre-Islamic Arabia at four hundred dirhams per head on the day of the battle of Badr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।