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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2658

नंबर 2658किताब 15, नंबर 182
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الْبَرَاءِ، قَالَ لَمَّا لَقِيَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم الْمُشْرِكِينَ يَوْمَ حُنَيْنٍ فَانْكَشَفُوا نَزَلَ عَنْ بَغْلَتِهِ فَتَرَجَّلَ ‏.‏
Al Bara’ said “When the Prophet (ﷺ) fought the polytheists in the battle of Hunain, they (the Muslims) retreated, he (the Prophet) came down from his mule and walked on foot
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (3042) Sahih Muslim (1776)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।