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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2656

नंबर 2656किताब 15, नंबर 180
حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا هِشَامٌ، ح وَحَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا هِشَامٌ، حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ قَيْسِ بْنِ عُبَادٍ، قَالَ كَانَ أَصْحَابُ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم يَكْرَهُونَ الصَّوْتَ عِنْدَ الْقِتَالِ ‏.‏
Narrated Qays ibn Abbad: The Companions of the Prophet (ﷺ), disliked shouting while fighting
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MuqufAl-Albani
  • Sahih MuqufMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।