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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2639

नंबर 2639किताब 15, नंबर 163
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ شَوْكَرٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ ابْنُ عُلَيَّةَ، حَدَّثَنَا الْحَجَّاجُ بْنُ أَبِي عُثْمَانَ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، أَنَّ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَهُمْ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَتَخَلَّفُ فِي الْمَسِيرِ فَيُزْجِي الضَّعِيفَ وَيُرْدِفُ وَيَدْعُو لَهُمْ ‏.‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: The Messenger of Allah (ﷺ) used to keep to the rear when travelling and urge on the weak. He would take someone up behind him and make supplication for them all
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।