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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2632

नंबर 2632किताब 15, नंबर 156
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ، أَخْبَرَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا الْمُثَنَّى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا غَزَا قَالَ ‏ "‏ اللَّهُمَّ أَنْتَ عَضُدِي وَنَصِيرِي بِكَ أَحُولُ وَبِكَ أَصُولُ وَبِكَ أُقَاتِلُ ‏"‏ ‏.‏
अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब युद्ध शुरू करते, तो यह दुआ फ़रमातेः "ऐ अल्लाह तू ही मेरा बाज़ू और सहायक है। तेरे ही सहारे मैं स्थान बदलता हूँ, तेरी ही मदद से शत्रु पर आक्रमण करता हूँ और तेरी सहायता से युद्ध करता हूँ।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।