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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2608

नंबर 2608किताब 15, नंबर 132
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ بَحْرِ بْنِ بَرِّيٍّ، حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَجْلاَنَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا خَرَجَ ثَلاَثَةٌ فِي سَفَرٍ فَلْيُؤَمِّرُوا أَحَدَهُمْ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuSa'id al-Khudri: The Prophet (ﷺ) said: When three are on a journey, they should appoint one of them as their commander
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।