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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2594

नंबर 2594किताब 15, नंबर 118
حَدَّثَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ الْفَضْلِ الْحَرَّانِيُّ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، حَدَّثَنَا ابْنُ جَابِرٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْطَاةَ الْفَزَارِيِّ، عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ الْحَضْرَمِيِّ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا الدَّرْدَاءِ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ ابْغُونِي الضُّعَفَاءَ فَإِنَّمَا تُرْزَقُونَ وَتُنْصَرُونَ بِضُعَفَائِكُمْ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ زَيْدُ بْنُ أَرْطَاةَ أَخُو عَدِيِّ بْنِ أَرْطَاةَ ‏.‏
Narrated AbudDarda': I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: Seek for me weak persons, for you are provided means of subsistence and helped through your weaklings. Abu Dawud said: Zaid b. Artat is the brother of 'Adi b. Artat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।