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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2592

नंबर 2592किताब 15, नंबर 116
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الْمَرْوَزِيُّ، - وَهُوَ ابْنُ رَاهَوَيْهِ - حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ عَمَّارٍ الدُّهْنِيِّ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، يَرْفَعُهُ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ كَانَ لِوَاؤُهُ يَوْمَ دَخَلَ مَكَّةَ أَبْيَضَ ‏.‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: When the Prophet (ﷺ) entered Mecca his banner was white
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।