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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2564

नंबर 2564किताब 15, नंबर 88
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم مُرَّ عَلَيْهِ بِحِمَارٍ قَدْ وُسِمَ فِي وَجْهِهِ فَقَالَ ‏ "‏ أَمَا بَلَغَكُمْ أَنِّي قَدْ لَعَنْتُ مَنْ وَسَمَ الْبَهِيمَةَ فِي وَجْهِهَا أَوْ ضَرَبَهَا فِي وَجْهِهَا ‏"‏ ‏.‏ فَنَهَى عَنْ ذَلِكَ ‏.‏
Jabir reported the Prophet (ﷺ) as saying when an ass which had been branded on its face passed him. Did it not reach you that I cursed him who branded the animals on their faces or struck them on their faces. So he prohibited it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (2117)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।