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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2553

नंबर 2553किताब 15, नंबर 77
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ سَعِيدٍ الطَّالْقَانِيُّ، أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُهَاجِرِ، حَدَّثَنِي عَقِيلُ بْنُ شَبِيبٍ، عَنْ أَبِي وَهْبٍ الْجُشَمِيِّ، - وَكَانَتْ لَهُ صُحْبَةٌ - قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ ارْتَبِطُوا الْخَيْلَ وَامْسَحُوا بِنَوَاصِيهَا وَأَعْجَازِهَا ‏"‏ ‏.‏ أَوْ قَالَ ‏"‏ أَكْفَالِهَا ‏"‏ ‏.‏ ‏"‏ وَقَلِّدُوهَا وَلاَ تُقَلِّدُوهَا الأَوْتَارَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuWahb al-Jushami,: The Messenger of Allah (ﷺ) said: Tie the horses, rub down their forelocks and their buttocks (or he said: Their rumps), and put things on their necks, but do not put bowstrings
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।