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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2526

नंबर 2526किताब 15, नंबर 50
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ الْمِصِّيصِيُّ، حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، - يَعْنِي ابْنَ مُحَمَّدٍ - ح وَحَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ شُعَيْبٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ حَيْوَةَ بْنِ شُرَيْحٍ، عَنِ ابْنِ شُفَىٍّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏:‏ ‏ "‏ لِلْغَازِي أَجْرُهُ، وَلِلْجَاعِلِ أَجْرُهُ وَأَجْرُ الْغَازِي ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Amr ibn al-'As: The Prophet (ﷺ) said: The warrior gets his reward, and the one who equips him gets his own reward and that of the warrior
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।