सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 2521

नंबर 2521किताब 15, नंबर 45
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، حَدَّثَنَا عَوْفٌ، حَدَّثَتْنَا حَسْنَاءُ بِنْتُ مُعَاوِيَةَ الصَّرِيمِيَّةُ، قَالَتْ حَدَّثَنَا عَمِّي، قَالَ قُلْتُ لِلنَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏:‏ مَنْ فِي الْجَنَّةِ قَالَ ‏:‏ ‏ "‏ النَّبِيُّ فِي الْجَنَّةِ، وَالشَّهِيدُ فِي الْجَنَّةِ، وَالْمَوْلُودُ فِي الْجَنَّةِ، وَالْوَئِيدُ فِي الْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Hasana' daughter of Mu'awiyah: She reported on the authority of her paternal uncle: I asked the Prophet (ﷺ): Who are in Paradise? He replied: Prophets are in Paradise, martyrs are in Paradise, infants are in Paradise and children buried alive are in Paradise
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।