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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2498

नंबर 2498किताब 15, नंबर 22
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَيُّوبَ، وَسَعِيدِ بْنِ أَبِي أَيُّوبَ، عَنْ زَبَّانَ بْنِ فَائِدٍ، عَنْ سَهْلِ بْنِ مُعَاذٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ الصَّلاَةَ وَالصِّيَامَ وَالذِّكْرَ تُضَاعَفُ عَلَى النَّفَقَةِ فِي سَبِيلِ اللَّهِ بِسَبْعِمِائَةِ ضِعْفٍ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Mu'adh ibn Anas al-Juhani: The Messenger of Allah (ﷺ) said: (The reward of) prayer, fasting and remembrance of Allah is enhanced seven hundred times over (the reward of) spending in Allah's path
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।