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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2493

नंबर 2493किताब 15, नंबर 17
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَكَّارٍ الْعَيْشِيُّ، حَدَّثَنَا مَرْوَانُ، ح حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ الْجَوْبَرِيُّ الدِّمَشْقِيُّ، - الْمَعْنَى - قَالَ حَدَّثَنَا مَرْوَانُ، أَخْبَرَنَا هِلاَلُ بْنُ مَيْمُونٍ الرَّمْلِيُّ، عَنْ يَعْلَى بْنِ شَدَّادٍ، عَنْ أُمِّ حَرَامٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَالَ ‏ "‏ الْمَائِدُ فِي الْبَحْرِ الَّذِي يُصِيبُهُ الْقَىْءُ لَهُ أَجْرُ شَهِيدٍ وَالْغَرِقُ لَهُ أَجْرُ شَهِيدَيْنِ ‏"‏ ‏.‏
Umm Haram reported the Prophet(ﷺ) as saying “He who becomes sick on a stormy sea and vomits will have the reward of a martyr. And he who is drowned will have a reward of two martyrs
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।