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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2486

नंबर 2486किताब 15, नंबर 10
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُثْمَانَ التَّنُوخِيُّ أَبُو الْجَمَاهِرِ، حَدَّثَنَا الْهَيْثَمُ بْنُ حُمَيْدٍ، أَخْبَرَنِي الْعَلاَءُ بْنُ الْحَارِثِ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِي أُمَامَةَ، أَنَّ رَجُلاً، قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ ائْذَنْ لِي فِي السِّيَاحَةِ ‏.‏ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ سِيَاحَةَ أُمَّتِي الْجِهَادُ فِي سَبِيلِ اللَّهِ تَعَالَى ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuUmamah: A man said: Messenger of Allah, allow tourism for me. The Prophet (ﷺ) said: The tourism of my people is striving in the path of Allah, the Exalted
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।