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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2474

नंबर 2474किताब 14, नंबर 162
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بُدَيْلٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ عُمَرَ، - رضى الله عنه - جَعَلَ عَلَيْهِ أَنْ يَعْتَكِفَ فِي الْجَاهِلِيَّةِ لَيْلَةً أَوْ يَوْمًا عِنْدَ الْكَعْبَةِ فَسَأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ اعْتَكِفْ وَصُمْ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Umar: Umar (may Allah be pleased with him) took a vow in the pre-Islamic days to spend a night or a day in devotion near the Ka'bah (in the sacred mosque). He asked the Prophet (ﷺ) about it. He said: Observe i'tikaf (i.e. spend a night or a day near the Ka'bah) and fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · Fasting (Kitab Al-Siyam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।