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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2453

नंबर 2453किताब 14, नंबर 141
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ، عَنْ يَزِيدَ الرِّشْكِ، عَنْ مُعَاذَةَ، قَالَتْ قُلْتُ لِعَائِشَةَ أَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَصُومُ مِنْ كُلِّ شَهْرٍ ثَلاَثَةَ أَيَّامٍ قَالَتْ نَعَمْ ‏.‏ قُلْتُ مِنْ أَىِّ شَهْرٍ كَانَ يَصُومُ قَالَتْ مَا كَانَ يُبَالِي مِنْ أَىِّ أَيَّامِ الشَّهْرِ كَانَ يَصُومُ ‏.‏
Mu'adhah (al-'Adawiyyah) said:I asked 'Aishah: Would the Messenger of Allah (ﷺ) fast three days every month ? She replied: Yes. I asked: Which days in the month he used to fast ? She replied: He did not care which days of the month he fasted
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (1160)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · Fasting (Kitab Al-Siyam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।