सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 2433

नंबर 2433किताब 14, नंबर 121
حَدَّثَنَا النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ سُلَيْمٍ، وَسَعْدِ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ عُمَرَ بْنِ ثَابِتٍ الأَنْصَارِيِّ، عَنْ أَبِي أَيُّوبَ، صَاحِبِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ صَامَ رَمَضَانَ ثُمَّ أَتْبَعَهُ بِسِتٍّ مِنْ شَوَّالٍ فَكَأَنَّمَا صَامَ الدَّهْرَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abu Ayyub:The Prophet (ﷺ) as saying: If anyone fasts during Ramadan, then follows it with six days in Shawwal, it will be like a perpetual fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (1164)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · Fasting (Kitab Al-Siyam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।