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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2424

नंबर 2424किताब 14, नंबर 112
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ بْنِ سُفْيَانَ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، قَالَ مَا زِلْتُ لَهُ كَاتِمًا حَتَّى رَأَيْتُهُ انْتَشَرَ ‏.‏ يَعْنِي حَدِيثَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُسْرٍ هَذَا فِي صَوْمِ يَوْمِ السَّبْتِ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ قَالَ مَالِكٌ هَذَا كَذِبٌ ‏.‏
Al-Auza'i said:I always concealed it, but I found that it became known widely, that is, the tradition on Ibn Busr about fasting on Saturday. Abu Dawud said: Malik said: This is a false (tradition)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MaqtuAl-Albani
  • Sahih MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · Fasting (Kitab Al-Siyam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।