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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2411

नंबर 2411किताब 14, नंबर 99
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ الْمُهَاجِرِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ بْنُ عَبْدِ الْوَارِثِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ بْنُ حَبِيبٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ سِنَانِ بْنِ سَلَمَةَ، عَنْ سَلَمَةَ بْنِ الْمُحَبَّقِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ أَدْرَكَهُ رَمَضَانُ فِي السَّفَرِ ‏"‏ ‏.‏ فَذَكَرَ مَعْنَاهُ ‏.‏
Narrated Salamah b. al-Muhabbaq:The Messenger of Allah (ﷺ) as saying: If anyone is on a journey and Ramadan comes... He then narrated the rest of the tradition to the same effect
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · Fasting (Kitab Al-Siyam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।