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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2358

नंबर 2358किताब 14, नंबर 46
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، عَنْ حُصَيْنٍ، عَنْ مُعَاذِ بْنِ زُهْرَةَ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ إِذَا أَفْطَرَ قَالَ ‏ "‏ اللَّهُمَّ لَكَ صُمْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Mu'adh ibn Zuhrah: The Prophet of Allah (ﷺ) used to say when he broke his fast: O Allah, for Thee I have fasted, and with Thy provision I have broken my fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sanad DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · Fasting (Kitab Al-Siyam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।