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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2344

नंबर 2344किताब 14, नंबर 32
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ مُحَمَّدٍ النَّاقِدُ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ خَالِدٍ الْخَيَّاطُ، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ، عَنْ يُونُسَ بْنِ سَيْفٍ، عَنِ الْحَارِثِ بْنِ زِيَادٍ، عَنْ أَبِي رُهْمٍ، عَنِ الْعِرْبَاضِ بْنِ سَارِيَةَ، قَالَ دَعَانِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِلَى السَّحُورِ فِي رَمَضَانَ فَقَالَ ‏ "‏ هَلُمَّ إِلَى الْغَدَاءِ الْمُبَارَكِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Al-Irbad ibn Sariyyah: The Messenger of Allah (ﷺ) invited me to a meal shortly before dawn in Ramadan saying: Come to the blessed morning meal
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · Fasting (Kitab Al-Siyam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।