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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2325

नंबर 2325किताब 14, नंबर 13
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنِي مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي قَيْسٍ، قَالَ سَمِعْتُ عَائِشَةَ، - رضى الله عنها - تَقُولُ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَتَحَفَّظُ مِنْ شَعْبَانَ مَا لاَ يَتَحَفَّظُ مِنْ غَيْرِهِ ثُمَّ يَصُومُ لِرُؤْيَةِ رَمَضَانَ فَإِنْ غُمَّ عَلَيْهِ عَدَّ ثَلاَثِينَ يَوْمًا ثُمَّ صَامَ ‏.‏
Narrated Aisha, Ummul Mu'minin: The Messenger of Allah (ﷺ) used to count the days in Sha'ban in a manner he did not count any other month; then he fasted when he sighted the new moon of Ramadan; but if the weather was cloudy he counted thirty days and then fasted
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · Fasting (Kitab Al-Siyam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।