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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2311

नंबर 2311किताब 13, नंबर 137
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ حَجَّاجٍ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ، أَنَّهُ سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ جَاءَتْ مُسَيْكَةُ لِبَعْضِ الأَنْصَارِ فَقَالَتْ إِنَّ سَيِّدِي يُكْرِهُنِي عَلَى الْبِغَاءِ فَنَزَلَ فِي ذَلِكَ ‏{‏ وَلاَ تُكْرِهُوا فَتَيَاتِكُمْ عَلَى الْبِغَاءِ ‏}‏ ‏.‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: Musaykah, a slave-girl of some Ansari, came and said: My master forces me to commit fornication. Thereupon the following verse was revealed: "But force not your maids to prostitution (when they desire chastity)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · Divorce (Kitab Al-Talaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।