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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2279

नंबर 2279किताब 13, नंबर 105
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عِيسَى، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَبِي فَرْوَةَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى، بِهَذَا الْخَبَرِ وَلَيْسَ بِتَمَامِهِ قَالَ وَقَضَى بِهَا لِجَعْفَرٍ وَقَالَ ‏ "‏ إِنَّ خَالَتَهَا عِنْدَهُ ‏"‏ ‏.‏
This tradition has been narrated by ‘Abd Al Rahman bin Abi Laila through a different chain of narrators. This version has “He decided that she would be given to Ja’far and said “Her maternal aunt is with him(i.e., his wife)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · Divorce (Kitab Al-Talaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।