حَدَّثَنَا مَخْلَدُ بْنُ خَالِدٍ الشَّعِيرِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَاصِمِ بْنِ كُلَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَ رَجُلاً حِينَ أَمَرَ الْمُتَلاَعِنَيْنِ أَنْ يَتَلاَعَنَا أَنْ يَضَعَ يَدَهُ عَلَى فِيهِ عِنْدَ الْخَامِسَةِ يَقُولُ إِنَّهَا مُوجِبَةٌ .
Narrated Abdullah ibn Abbas: When the Prophet (ﷺ) ordered a man and his wife to invoke curses on each other, he ordered a man to put his hand on his mouth when he came to the fifth utterance, saying that it would be the deciding one
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।