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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2243

नंबर 2243किताब 13, नंबर 69
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مَعِينٍ، حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سَمِعْتُ يَحْيَى بْنَ أَيُّوبَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي حَبِيبٍ، عَنْ أَبِي وَهْبٍ الْجَيْشَانِيِّ، عَنِ الضَّحَّاكِ بْنِ فَيْرُوزَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي أَسْلَمْتُ وَتَحْتِي أُخْتَانِ ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ طَلِّقْ أَيَّتَهُمَا شِئْتَ ‏"‏ ‏.‏
जह्हाक बिन फ़ैरोज़ अपने पिता से रिवायत करते हैं, वह कहते हैं कि मैंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, मैं मुसलमान हो गया हूँ और मेरे निकाह में दो सगी बहने हैं? तो आपने कहाः "दोनों में से जिसे चाहो, तलाक़ दे दो।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 13 · Divorce (Kitab Al-Talaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।