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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2219

नंबर 2219किताब 13, नंबर 45
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، أَنَّ جَمِيلَةَ، كَانَتْ تَحْتَ أَوْسِ بْنِ الصَّامِتِ وَكَانَ رَجُلاً بِهِ لَمَمٌ فَكَانَ إِذَا اشْتَدَّ لَمَمُهُ ظَاهَرَ مِنَ امْرَأَتِهِ فَأَنْزَلَ اللَّهُ تَعَالَى فِيهِ كَفَّارَةَ الظِّهَارِ ‏.‏
Narrated Hisham b. 'Urwah: Khawlah was the wife of Aws ibn as-Samit; he was a man immensely given to sexual intercourse. When his desire for intercourse was intensified, he made his wife like his mother's back. So Allah, the Exalted, sent down Qur'anic verses relating to expiation for zihar
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · Divorce (Kitab Al-Talaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।