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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2200

नंबर 2200किताब 13, नंबर 26
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي ابْنُ طَاوُسٍ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ أَبَا الصَّهْبَاءِ، قَالَ لاِبْنِ عَبَّاسٍ أَتَعْلَمُ إِنَّمَا كَانَتِ الثَّلاَثُ تُجْعَلُ وَاحِدَةً عَلَى عَهْدِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَأَبِي بَكْرٍ وَثَلاَثًا مِنْ إِمَارَةِ عُمَرَ قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ نَعَمْ ‏.‏
Tawus said:Abu al-Sahba' said to Ibn Abbas: Do you know that a divorce by three pronouncements was made a single one during the time of the Prophet (ﷺ), and of AbuBakr and in the early days of the caliphate of Umar? He replied: Yes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (1472)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · Divorce (Kitab Al-Talaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।