सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 2192

नंबर 2192किताब 13, नंबर 18
حَدَّثَنَا ابْنُ السَّرْحِ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَالِمٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْحَارِثِ الْمَخْزُومِيِّ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ فِي هَذَا الْخَبَرِ زَادَ ‏ "‏ وَلاَ نَذْرَ إِلاَّ فِيمَا ابْتُغِيَ بِهِ وَجْهُ اللَّهِ تَعَالَى ذِكْرُهُ ‏"‏ ‏.‏
The above tradition has also been transmitted by ‘Amr bin Shu’aib through a different chain of narrators. This version adds The Prophet (ﷺ) said “There is no vow except in an act which seeks the pleasure of Allah, the Exalted
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · Divorce (Kitab Al-Talaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।