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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2175

नंबर 2175किताब 13, नंबर 1
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ الْحُبَابِ، حَدَّثَنَا عَمَّارُ بْنُ رُزَيْقٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عِيسَى، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ يَعْمُرَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لَيْسَ مِنَّا مَنْ خَبَّبَ امْرَأَةً عَلَى زَوْجِهَا أَوْ عَبْدًا عَلَى سَيِّدِهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The Prophet (ﷺ) said: Anyone who incites a woman against her husband or a slave against his master is not one of us
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · Divorce (Kitab Al-Talaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।