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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2168

नंबर 2168किताब 12, नंबर 123
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ شُعْبَةَ، - غَيْرُهُ عَنْ سَعِيدٍ، - حَدَّثَنِي الْحَكَمُ، عَنْ عَبْدِ الْحَمِيدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ مِقْسَمٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي الَّذِي يَأْتِي امْرَأَتَهُ وَهِيَ حَائِضٌ قَالَ ‏ "‏ يَتَصَدَّقُ بِدِينَارٍ أَوْ بِنِصْفِ دِينَارٍ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: The Prophet (ﷺ) said about a man who has sexual intercourse with a menstruating woman: He should give one or half dinar as sadaqah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।