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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2157

नंबर 2157किताब 12, नंबर 112
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَوْنٍ، أَخْبَرَنَا شَرِيكٌ، عَنْ قَيْسِ بْنِ وَهْبٍ، عَنْ أَبِي الْوَدَّاكِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، وَرَفَعَهُ، أَنَّهُ قَالَ فِي سَبَايَا أَوْطَاسٍ ‏ "‏ لاَ تُوطَأُ حَامِلٌ حَتَّى تَضَعَ وَلاَ غَيْرُ ذَاتِ حَمْلٍ حَتَّى تَحِيضَ حَيْضَةً ‏"‏ ‏.‏
Abu Sa’id Al Khudri traced to Prophet (ﷺ) the following statement regarding the captives taken at Atwas. There must be no intercourse with pregnant woman till she gives birth to her child or with the one who is not pregnant till she has had one menstrual period
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।