सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 2153

नंबर 2153किताब 12, नंबर 108
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ لِكُلِّ ابْنِ آدَمَ حَظُّهُ مِنَ الزِّنَا ‏"‏ ‏.‏ بِهَذِهِ الْقِصَّةِ قَالَ ‏"‏ وَالْيَدَانِ تَزْنِيَانِ فَزِنَاهُمَا الْبَطْشُ وَالرِّجْلاَنِ تَزْنِيَانِ فَزِنَاهُمَا الْمَشْىُ وَالْفَمُ يَزْنِي فَزِنَاهُ الْقُبَلُ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah reported the Prophet (ﷺ) as saying “ Every child of Adam has his share in adultery. He then narrated the rest of the tradition. This version goes “And the hands commit adultery; their adultery is catching; and the legs commit adultery; their adultery is walking; and the mouth commits adultery – its adultery is kissing.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad Sahih Sahih Muslim (2657)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।