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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2150

नंबर 2150किताब 12, नंबर 105
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تُبَاشِرُ الْمَرْأَةُ الْمَرْأَةَ لِتَنْعَتَهَا لِزَوْجِهَا كَأَنَّمَا يَنْظُرُ إِلَيْهَا ‏"‏ ‏.‏
Ibn Masu’d reported the Apostle of Allaah(ﷺ) as saying “ A woman should not rub her body directly with the body of another woman so that she describes it to her husband as if he were looking at her.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (5241)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।