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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2128

नंबर 2128किताब 12, नंबर 83
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ الْبَزَّارُ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ طَلْحَةَ، عَنْ خَيْثَمَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ أَمَرَنِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ أُدْخِلَ امْرَأَةً عَلَى زَوْجِهَا قَبْلَ أَنْ يُعْطِيَهَا شَيْئًا ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ خَيْثَمَةُ لَمْ يَسْمَعْ مِنْ عَائِشَةَ ‏.‏
Narrated Aisha, Ummul Mu'minin: The Messenger of Allah (ﷺ) commanded me to send a woman to her husband before he gave something to her. Abu Dawud said: The narrator Khaithamah did not hear (any tradition) from 'Aishah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।