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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2120

नंबर 2120किताब 12, नंबर 75
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا بَدَلُ بْنُ الْمُحَبَّرِ، أَخْبَرَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْعَلاَءِ ابْنِ أَخِي، شُعَيْبٍ الرَّازِيِّ عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ رَجُلٍ، مِنْ بَنِي سُلَيْمٍ قَالَ خَطَبْتُ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أُمَامَةَ بِنْتَ عَبْدِ الْمُطَّلِبِ فَأَنْكَحَنِي مِنْ غَيْرِ أَنْ يَتَشَهَّدَ ‏.‏
Narrated Isma'il bin Ibrahim:On the authority of a man from Banu Sulaim: I asked the Prophet (ﷺ) to marry Umamah daughter of 'Abd al-Muttalib to me. So he married her to me without reciting the tashahhud (i.e. the sermon for marriage)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।