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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2105

नंबर 2105किताब 12, नंबर 60
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ الْهَادِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، قَالَ سَأَلْتُ عَائِشَةَ - رضى الله عنها - عَنْ صَدَاقِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ ثِنْتَا عَشْرَةَ أُوقِيَّةً وَنَشٌّ ‏.‏ فَقُلْتُ وَمَا نَشٌّ قَالَتْ نِصْفُ أُوقِيَّةٍ ‏.‏
Abu Salamah said “I asked A’ishah about the dower given by the Apostle of Allaah(ﷺ). She said “It was twelve Uqiyahs and a nashsh”. I asked “What is nashsh?” She said it is half an uqiyah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (1426)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।