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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2099

नंबर 2099किताब 12, नंबर 54
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ زِيَادِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْفَضْلِ، بِإِسْنَادِهِ وَمَعْنَاهُ قَالَ ‏"‏ الثَّيِّبُ أَحَقُّ بِنَفْسِهَا مِنْ وَلِيِّهَا وَالْبِكْرُ يَسْتَأْمِرُهَا أَبُوهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ ‏"‏ أَبُوهَا ‏"‏ ‏.‏ لَيْسَ بِمَحْفُوظٍ ‏.‏
The above tradition has been transmitted by ‘Abd Allaah bin Al Fadl through his chain of narrators and with different meaning. The version goes “A woman without a husband has more right to her person than her guardian and the father of a virgin should ask her permission about herself.” Abu Dawud said “ The word “her father” is not guarded
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (1421)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।