सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 2096

नंबर 2096किताब 12, नंबर 51
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا حُسَيْنُ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ جَارِيَةً، بِكْرًا أَتَتِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَذَكَرَتْ أَنَّ أَبَاهَا زَوَّجَهَا وَهِيَ كَارِهَةٌ فَخَيَّرَهَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
इब्ने अब्बास (-रज़ियल्लाहु अन्हुमा-) वर्णन करते हैं कि एक कुँवारी युवती नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आई तथा उसने आप से कहा कि उसके पिता ने उसका विवाह करा दिया है जिसे वह नापसंद करती है, तो नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उसे (विवाह बाकी रखने अथवा तोड़ देने का) इख्तियार दिया।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।