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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2091

नंबर 2091किताब 12, नंबर 46
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ شَبُّويَةَ الْمَرْوَزِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُثْمَانَ، عَنْ عِيسَى بْنِ عُبَيْدٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، مَوْلَى عُمَرَ عَنِ الضَّحَّاكِ، بِمَعْنَاهُ قَالَ فَوَعَظَ اللَّهُ ذَلِكَ ‏.‏
The aforesaid tradition has also been transmitted by Al Dahhak to the same effect through a different chain of narrators. This version has Allaah prohibited that (practice)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।