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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2064

नंबर 2064किताब 12, नंबर 19
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْعَلاَءِ، حَدَّثَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ حَجَّاجِ بْنِ حَجَّاجٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا يُذْهِبُ عَنِّي مَذَمَّةَ الرَّضَاعَةِ قَالَ ‏ "‏ الْغُرَّةُ الْعَبْدُ أَوِ الأَمَةُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ النُّفَيْلِيُّ حَجَّاجُ بْنُ حَجَّاجٍ الأَسْلَمِيُّ وَهَذَا لَفْظُهُ ‏.‏
Narrated Hajjaj ibn Malik al-Aslami: I asked: Messenger of Allah, what will remove from me the obligation due for fostering a child? He said: A slave or a slave-woman
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।